भारत वर्तमान में शहरीकरण में वृद्धि का अनुभव कर रहा है, और इसके साथ ही आवास की बढ़ती आवश्यकता एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। इस समस्या के समाधान के लिए, भारतीय सरकार ने प्रधान मंत्री आवास योजना, PMAY, शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य समाज के नीचे के आय वर्ग से संबंधित गरीब वर्गों की मदद करना है ताकि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अपने खुद के घर का सपना पूरा कर सकें। प्रधान मंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत, सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर और मध्य वर्ग के लोगों के लिए सस्ती और सुलभ आवास निर्माण को सुनिश्चित करने के लिए नए प्रावधान किए हैं। यह योजना ₹ 2.50 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है और साथ ही सब्सिडी वाली ब्याज दरों पर गृह ऋण भी उपलब्ध कराती है।
Contents
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 निम्नलिखित उद्देश्यों को प्राप्त करने का लक्ष्य रखती है:
- घर के मालिक बनने का सपना साकार करना: इस योजना का फोकस उन गरीब और निम्न मध्यवर्गीय लोगों को आवास प्रदान करना है जिन्हें अपने लिए घर बनाने के लिए साधन नहीं हैं। यह योजना विशेष रूप से शहरों और शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए लक्षित है।
- बुनियादी सुविधाओं के साथ स्वच्छ आवास: योजना का उद्देश्य ऐसे घरों का निर्माण करना है जो न केवल सस्ती हों बल्कि जिनमें पानी, बिजली, स्वच्छता और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं भी हों।
- आर्थिक सहायता और ब्याज दरों में कमी: सरकार इस योजना के तहत ₹2.50 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है और सब्सिडी दर पर होम लोन प्रदान कर रही है, जिससे मध्य और निम्न आय वर्ग के लिए घर निर्माण संभव हो सके।
प्रधान मंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 की महत्वपूर्ण विशेषताएं:
- ₹2.5 लाख की सहायता: इस योजना के तहत, पात्र लाभार्थियों को ₹2.5 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि लाभार्थियों के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी, जो घर के निर्माण के लिए आवश्यक व्यय को पूरा करने में मदद करेगी।
- कम गृह ऋण ब्याज दरें: सरकार ने योजना 2.0 के तहत गृह ऋण की ब्याज दरों को भी सब्सिडी दी है। पात्र लाभार्थी 6.5% की ब्याज दर पर गृह ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जो औसत बाजार दर से काफी कम है।
- आर्थिक आवास: इस योजना का मुख्य ध्यान सस्ते और आर्थिक आवास के निर्माण पर है। सरकार ने निर्माण के खर्च को कम करने में सहायता करने के लिए विभिन्न भवन निर्माण विधियों को लागू किया है।
- आधार-आधारित आवेदन: इस योजना ने डिजिटल प्रारूप में आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया है। पात्रता की पहचान और आवेदन प्रक्रिया को आधार कार्ड की सहायता से और आसान एवं तेज बनाया गया है।
- नीच जातियों को प्राथमिकता: इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य नीच और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को सस्ते आर्थिक आवास उपलब्ध कराना है। इसमें एंटरप्राईज ऑन व्हील्स (EWP) तथा लोइरे इंकम ग्रुपs (LIG) के लोगों को वरीयता दी जाती हैं।
- किफायती हाउसिंग फाइनेंस (CLSS): प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों के लिए शहरी आजिविका केंद्रों में कार्यरत (CLSS) का क्रेडिट लिंक्ड सबसेड स्कीम भी शामिल है, जो नोट 55 में नहीं लिखा हुआ इस स्कीम के दायरे में नहीं पात्रों औसत परिवारों को दस्तावेज और निर्वाचन एवम् सीमा इलाकों में रहने वाली विशेष सुविधाओं का समावेशिक तथा लड़कियों, ओबीसी, सार्वजनिक पल्प के लिए लाभार्थी जाति और अन्य नॉन मैथेर सम्पूर्ण समूहों अभिलक्षित के विशेष तौर पर कुछ चीजें।
PMAY शहरी 2.0 के लाभ:
- घर बनाने की सुविधा: इस योजना के तहत गरीब और निम्न आय वर्ग के लोग घर बनाने के लिए आर्थिक रूप से सक्षम हो जाते हैं। घर बनाने के लिए दी जाने वाली सहायता और सस्ती ब्याज दरों के कारण सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली ₹2.50 लाख की सहायता का घर बनाना अब कहीं पहले से सरल हो गया है।
- कम ब्याज दर पर लोन: अपना घर के लिए लोन लेने की चाह रखने वाले सभी लोगों के लिए सामान्य हैं, बैंक बहुत ही कम ब्याज विशेष कम दरों पर होम लोन दिया जाती हैं। मध्य एवं निम्न वर्ग के लिए राहत का एक बड़ा अंतर बनती है औऱ यह ब्याज दर लगभग 6.5% होती है।
- डिजिटल प्रक्रिया: इस योजना में आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन की गई है। इससे सभी नागरिक अपने घर बनाने के लिए बिना किसी कठिनाई के आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए केवल आधार कार्ड और बैंक खाता जानकारी की आवश्यकता होती है।
- निर्माण और बुनियादी सुविधाएँ: अब प्राइम मिंसीय जी अनुकूल योजना के जरिये घर पाने वाले लाभवृद्धों में बुनियादी सुविधाओं जैसे- बिजली एवं स्वच्छता शुद्धिकरण, पानी व जीवन स्तर पीने में सहायक बनाने वाली सुविधाएँ भी प्रधान हैं।
- रूम टेक्नोलॉजी: हाउस प्राप्त करने वाले लोगों की संख्या 10 गारंटी फंड सिंगल। सम्मिलित 2017 स्कीम, 9.75 से शुरू हुए है। इसके बाद सर्वे पर जरूरत है, सरकारी गारंटी राशि परीक्षा प्लस है।
कौन कर सकता है आवेदन?
- आय सीमा: यह योजना गरीबों एवं निम्न आय वर्गों के परिवार जनों के लिए विशेष रूप से बनाई गई है। परिवारों के लिए आय सीमा ₹3 लाख से ₹18 लाख सालाना है, उन सभी परिवारों को इस योजना का लाभ मिल सकता है।
- आधार कार्ड की आवश्यकता: आधार कार्ड होना हर आवेदक के लिए जरूरी है क्योंकि आवेदन के लिए योजना पूरी डिजिटली दी जाती है।
- आवेदन की प्रक्रिया: आवदेन प्रक्रिया पूरी भी डिजिटल तरीके से की जाती है। आवेदक को केवल प्रधान मंत्री आवास योजना(पी एम ए वाई) के पोर्टल का यूज़ करने की ज़रूरत है। प्रोसिडर में पूर्ववर्ती कई एट्रिब्यूट्स व डॉक्युमेंट्स फाइल करने की ज़रूरत है और जानकारियों को पर्सनल बेसिस पर एंटर किया जाता है।
प्रधान मंत्री आवास योजना शहरी 2.0 इस जानते और निम्न मध्यम आय वाले लोगों को अत्यन्त किफायती दर पर द्बार मकान उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह एक अद्भुत योजना नहीं है जिसमें मात्र आवास की समस्या के हल के साथ देश में आर्थक समर्थ निवास का सपना है, बल्की घर बनाने के या अब करने का साधन और सस्ते ब्याज दरों नें सकृत करती है। यह योजनाओं के फायदें उठाने के सरल उपाए जानने वाले धारक जल्दी से पहचान लिजिएँ अपने बनों ड्रीम हाउस।