International Women’s Day 2025: भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए सरकारी योजनाएं

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, जो प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है, दुनिया भर में महिलाओं के अधिकारों, उनकी उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान को सम्मानित करने का दिन है। भारत में भी इस दिन को महिला सशक्तिकरण और समानता के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर भारत सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं और पहलें चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उनके जीवन स्तर को ऊंचा करना है।

भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए प्रमुख सरकारी योजनाएं

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना

इस योजना को 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य बालिका भ्रूण हत्या को रोकना, लड़कियों को शिक्षा का अधिकार देना और उनका जीवन स्तर बेहतर बनाना है। इस योजना के तहत, सरकार ने विशेष रूप से हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और दिल्ली जैसे राज्यों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया। इसके द्वारा महिलाओं और लड़कियों के प्रति सकारात्मक सोच और समानता को बढ़ावा दिया जाता है।

महिला सशक्तिकरण योजना (WEP)

यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करती है। इसके तहत, महिलाओं को विभिन्न व्यापारिक और तकनीकी कौशल सिखाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे अपनी आय का स्रोत बना सकें और समाज में उनका सम्मान बढ़ सके। इसके तहत, महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रमों और प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना की जाती है।

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प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य गरीब महिलाओं को साफ और सुरक्षित खाना पकाने के लिए गैस कनेक्शन प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है, क्योंकि पारंपरिक चूल्हे से उत्पन्न होने वाला धुआं महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। अब तक लाखों महिलाएं इस योजना का लाभ उठा चुकी हैं।

महिला सम्मान योजना


महिला सम्मान योजना के तहत भारत सरकार ने महिलाओं के लिए विशेष प्रकार की योजनाओं और सुविधाओं की शुरुआत की है। इसमें महिलाओं को कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सेवाएं, और शिक्षा के क्षेत्र में सहायता दी जाती है। इसके अंतर्गत सरकार महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर भी कड़ी नजर रखती है और उनके खिलाफ सख्त कानून बनाए गए हैं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM)

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को संगठित करना और उन्हें छोटे-छोटे व्यापार शुरू करने के लिए सहायता प्रदान करना है। इस मिशन के तहत महिलाओं के समूहों को ऋण देने के अलावा, उन्हें व्यवसाय में सुधार के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

निर्भया फंड

निर्भया फंड, जिसे 2013 में शुरू किया गया था, महिला सुरक्षा और उनके खिलाफ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस फंड के तहत महिलाओं के लिए पुलिस सुरक्षा, आपातकालीन सेवाएं, और अन्य सुरक्षा उपायों का विस्तार किया गया है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मुहैया कराना है, ताकि वे बिना डर के हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।

स्मार्ट सिटी योजना और महिला केंद्रित सेवाएं

स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत, भारत सरकार ने महिलाओं के लिए सुरक्षित और समावेशी शहरों का निर्माण करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। इसमें सार्वजनिक परिवहन, सड़कों पर सुरक्षा, और अन्य बुनियादी सुविधाओं के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। साथ ही, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत महिला केंद्रित सेवाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

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महिला सशक्तिकरण की दिशा में उभरते अवसर

भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए सरकारी योजनाओं और पहलों ने महिलाओं को अधिकार, अवसर, और सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज महिलाएं शिक्षा, राजनीति, व्यवसाय, विज्ञान और खेलों में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। इस प्रकार की योजनाओं के माध्यम से महिलाएं अपने अधिकारों को जानती हैं और उनका उपयोग करती हैं।

International Women’s Day 2025 के अवसर पर भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार की योजनाएं यह सिद्ध करती हैं कि देश में महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि अभी भी कुछ चुनौतियां बाकी हैं, लेकिन इन योजनाओं ने महिलाओं के जीवन को बदलने और उन्हें सशक्त बनाने में अहम योगदान दिया है। आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण के लिए और भी ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि हर महिला को समान अधिकार मिल सके और वह हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सके।

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