अटल मिशन फॉर रेजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT): शहरी विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल

भारत में शहरीकरण की गति तेज़ी से बढ़ रही है, जिससे शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की जरूरत और भी ज्यादा बढ़ गई है। इस समस्या के समाधान और दूरावासी विकास सुनिश्चित करने के लिए, केंद्रीय सरकार ने अम्ब्रट योजना को लागू करने का निर्णय लिया। अम्ब्रट योजना के माध्यम से राजकोषीय प्रोत्साहनों प्रदेशों और जिलों के लिए दी जाती हैं ताकि वे ओवरब्रिज, रिंगरोड, स्टेडियम, मल्टीलेवल पार्किंग जैसी सुविधाओं को नागरिकों के लिए उपलब्ध कराएं और अधिक से अधिक लोगों को आकषित कर सके।

अटल मिशन फॉर रीजनरेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (एएमआरयूटी) क्या है? अटल मिशन फॉर रीजनरेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (एएमआरयूटी) एक पेडागोगिक एडवेंचर है जो Rc सरकार द्वारा और मोदी मंत्री की सिफारिश पर 25 जून को लॉन्च किया गया था। शहरी सुविधाओं के विकास में, एएमआरयूटी का लक्ष्य आम जनसंख्या के जीवन मानकों में सुधार करना है जबकि उन्हें बेहतर सुविधाओं और परिवेश के साथ सेवा प्रदान करना है।

एएमआरयूटी योजनाएं मुख्य रूप से शहरी गरीबों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने और शहरों की स्मार्टनेस और स्थिरता को बढ़ाने पर केंद्रित हैं – जल आपूर्ति, सीवेज, अपशिष्ट प्रबंधन, बुनियादी ढांचे का विकास, और एएमआरयूटी शहरी योजना।

AMRUT का उद्देश्य

  • पानी की आपूर्ति – AMRUT का प्राथमिक उद्देश्य शहरी जल आपूर्ति में सामना कर रहे मुद्दों को हल करना है। यह योजना मुख्य रूप से शहरों में पानी की आपूर्ति बढ़ाने, जल संरक्षण और जल पुनर्चक्रण पर केंद्रित है।
  • सीवेज और कचरे का प्रबंधन – AMRUT योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सीवेज और कचरे के प्रबंधन की समस्या को हल करना है। इसका उद्देश्य कचरा प्रबंधन में सुधार करना और एक बेहतर सीवेज नेटवर्क स्थापित करना है।
  • हरे क्षेत्र और पार्क – AMRUT योजना का लक्ष्य शहरी स्थानों में हरे क्षेत्रों और पार्कों का विकास करना है। इससे पर्यावरण में सुधार होगा, शहरों की सुंदरता बढ़ेगी और नागरिकों के लिए बेहतर मनोरंजन स्थान प्रदान होंगे।
  • स्मार्ट शहरों का विकास – इस योजना का उद्देश्य उन शहरों को स्मार्ट बनाना है, जिसका अर्थ है कि वे तकनीकी रूप से उन्नत हों और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान की जाएं।
  • शहरी बुनियादी ढांचे का विकास – AMRUT शहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए funding प्रदान करता है, जो शहरों में रहने वाले लोगों की जीवनशैली को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है।
READ ALSO  BBMP Property Tax 2025: बेंगलुरु में कर भुगतान की नई प्रक्रिया और महत्वपूर्ण जानकारी

आमृत योजना पात्रता

आमृत योजना के लिए निम्नलिखित श्रेणियों के शहरी स्थानीय निकायों और नगरपालिका निगमों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध है:

  • नगरपालिका निगम और नगरपालिका परिषद – यह योजना भारत के शहरों और कस्बों के नगरपालिका निगमों और नगरपालिका परिषदों पर लागू होती है। केवल वही कस्बे और शहर जो शहरी क्षेत्रों के लिए निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र होंगे, इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
  • राज्य और केंद्र सरकार की सहायता – आमृत योजना के अंतर्गत, राज्य और केंद्र सरकार शहरों के विकास कार्यों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। योजना के कार्यान्वयन में, राज्यों को सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता होती है।

AMRUT योजना की विशेषताएँ

प्रस्तावित शहरी बुनियादी ढाँचे की योजना अमृत के स्वीकृत ए जनसंख्याविहित मानदंडों के भीतर श्रेणीबद्ध सी वित्तीय सहायता – केंद्र एवं राज्य सरकारें अंतरण प्रक्रिया द्वारा शहरों को वित्तीय मदद करती हैं। इस सहायता का उद्देश्य बुनियादी सेवाओं के सतह स्तर तक पहुँचने के मुकाबले स्मार्ट उपलब्धियों से शहरों के सहनक्षमता तथा स्थायी बनाने का दरजा बढ़ाना है।

  • प्राथमिकता क्षेत्रों का चयन – जनसंख्या के घनत्व के आधार पर प्रतीकात्मक मूल व प्राथमिक प्रयोजनों पर केंद्रित ध्यान इन्फ्रास्ट्रक्चर और सेवा के पलायन में अत्यधिक शोषित क्षेत्रों की सहायता पर केंद्रित है।
  • जन भागीदारी – सुशृंखलित शहर के व्यक्तियों की वैयक्तिक जीवन स्तर के निम्न करने में उनके संयमित सहभागियों को अपने अंदर घसीटने पर जोर देती है।
  • टिकाऊ और हरित विकास – इस प्रोग्राम के अंतर्गत ए व अन्य इमारतों के सक्रियता से सेंट्रल मेट्रोलिन क्षेत्र के संसाधनों के बचत और पुनर्चक्रण हेतु पर्यावरणीय दृष्टिकोण से स्थायी हरित विकास जैसे गुंडे एवं अन्य वृक्षारोपण तथा ऊर्जा संरक्षण को अंकीत किया गया है।
READ ALSO  Optical Illusion IQ Test: Can You Find the Hidden Number 06 Among the 08’s in 8 Seconds?

AMRUT योजना के लाभ

शहरों के आवासीय क्षेत्रों में सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार करना। – AMRUT योजना का शुद्ध उद्देश्य यह है कि अमृत योजिनी सुधार लाने के लिए शहरी जीवन की गुणवत्ता, बेहतर जल आपूर्ति, बेहतर सीवेज निपटान और हरे क्षेत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

  • शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना – इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में भी बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, जो नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करता है और शहरों में शहरीकरण की गति को सही करता है। शहरी क्षेत्रों की देखभाल प्रभावी होती है।
  • आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना – AMRUT योजना से विशेष रूप में जिन शहरों में आयात अमृत है, उन शहरों में आर्थिक और सामाजिक विकास प्रगति होती है। इसके जरिए रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं और शहरों में रहने वाले लोगों को बेहतर जीवन स्तर का आनंद लेने में सहायता मिलती है।
  • स्मार्ट और पर्यावरण- अनुकूल शहरों का निर्माण अमृत योजना का उद्देश्य ऐसे शहरों का निर्माण करना है जो पर्यावरण के लिए और भी सुविधाजनक हों।

अटल मिशन फॉर रेजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन(एएमआरयूटी) एक ऐसी योजना हैं जिसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास का विषय बहुत ही साधारण, सरल और सटीक है एवं इसने शहरों को एक नया उपकरण दिया है जिससे वे अच्छे इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर सकते हैं और यहाँ जीवन स्तर और जीवनगुण को सुधारा जा सकता है। किसी भी देश का विकास उसके शहरों के विकास से होता है और यह योजना भारत के विकास के लिए एक बहुत बड़ा कदम कहा जा सकता है। यह योजना शहरों में रहने वाले लोगों के जीवन को सुविधाजनक और सरल बनाने के प्रयासों के द्वारा शहरी विकास और परिवर्तन को सुधारने की योजना है।

READ ALSO  Can You Spot the Hidden Parrot? This Optical Illusion Is Stumping Everyone

Leave a Comment