कृषि यंत्रों के लिए आवेदन तिथि 8 अप्रैल 2025 तक बढ़ाई गई: किसानों को मिलेगा अधिक समय आवेदन करने का मौका

भारत सरकार ने प्रधानमंत्री कृषी योजना (पीएम-किसान योजना) की शुरूआत की है जिसका उद्देश्य किसानों को कृषि यंत्र नाममात्र की दरों पर उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत, किसानों को कृषि उपकरण की खरीद के लिए मुआवजा दिया जाता है जिससे उनके वित्तीय बोझ को हल्का किया जा सके। इस संदर्भ में, भारतीय सरकार ने कृषि उपकरण सब्सिडी के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को 26 मार्च से 8 अप्रैल 2025 तक बढ़ा दिया है। यह निर्णय किसानों को कृषि उपकरणों के लिए आवेदन करने और सरकारी सहायता प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त समय देगा।

कृषि यंत्रों की महत्वता

कृषि गतिविधियों में उपयोग होने वाला उपकरण किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। कृषि मशीनरी का प्रभावी उपयोग किसानों की उत्पादकता में सुधार कर सकता है, जिससे उनका समय और प्रयास बचता है। किसानों को खेतों में काम करने के लिए विभिन्न कृषि उपकरणों की आवश्यकता होती है, जैसे ट्रैक्टर, हल, हार्वेस्टर, बीज बोने वाले, मिट्टी के परीक्षण करने वाले, पंप आदि। इन उपकरणों का सही उपयोग कर उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है, जबकि खेती की लागत को भी कम किया जा सकता है।

भारतीय सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-KMY) के तहत किसानों को इन उपकरणों को कम कीमत पर प्रदान करने के लिए इस योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत कृषि उपकरणों की खरीद पर किसानों को सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे उनका वित्तीय तनाव कम होता है।

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आवेदन की जमा करने की तिथि बढ़ाने के कारण

कृषि मशीनरी के लिए आवेदन की जमा करने की तिथि बढ़ाने का मुख्य कारण किसानों को आवश्यक समय प्रदान करना है ताकि वे उचित मशीनरी का चयन कर सकें और इसके लिए आवेदन कर सकें। यह कदम विशेष रूप से उन किसानों के लिए फायदेमंद होगा जिन्होंने पिछले अवधि में आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं की या जिनके पास आवेदन करने के लिए पर्याप्त जानकारी नहीं थी।

इसके अतिरिक्त, राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा किसानों को अधिक जागरूक और सूचित बनाने के लिए कई पहलों पर काम किया जा रहा है। वे चाहते हैं कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों को मिले और कृषि मशीनरी का उपयोग करके उनकी खेती को आधुनिक और यांत्रिक बनाया जा सके।

कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी

कृषि यंत्रों से सम्बंधित सब्सिडी, प्रधान मंत्री कृषि यंत्र योजना के अंतर्गत कृषक वर्ग को समर्थन मूल्य पर कृषि यंत्र प्राप्त करने के लिए विभिन्न वर्गों के कृषि उपकरणों पर कुछ मात्रा में दी जाती है। सब्सिडी की राशि प्राप्त करने वाले अपने पंक्तियों के पहचान संख्या द्वारा यंत्र किए जाते हैं। सरकार का प्रयास है कि किसान थोड़ी अधिक कीमत अदा करें और उन्हें मशीनें उपलब्ध हों जिससे कृषि उत्पादन और बिक्री मूल्य की चक्रीय वृद्धि के कारण कृषक की आय के वृद्धि में मदद मिल सके। इस उपाय के माध्यम से किसानों को 50 से 40 प्रतिशत तक सहायक मूल्य प्राप्त किया जा सकता है, जो काफी मददगार सिद्ध होता है, विशेषकर छोटे और मध्यम किसानों हेतु।

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इसके अलावा, अगर कोई महिला किसान है तो उसे और भी ज्यादा सहूलियतों का लाभ मिलना संभव है। यह उन दरों के लिए प्रोत्साहन करने के लिए है जो अन्यथा कृषि यंत्रों का कब्जा हासिल करने में असमर्थ रहते हैं।

आवेदन की प्रक्रिया

किसान कृषि यंत्रों के लिए बहुत सहजता से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की विधि किसी भी किसान के लिए सरल है:

  • ऑनलाइन आवेदन: किसान सीधे प्रधानमंत्री कृषि यंत्र योजना के तहत निर्धारित पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसमें सरकारी पोर्टल पर खाता बनाने और आवश्यक प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज़ अपलोड करने की ज़रूरत होगी।
  • स्थानीय दफ्तरों के माध्यम से आवेदन: ऐसे किसान जो आवेदन ऑनलाइन में सहज नहीं है, वे खुद या किसी और के द्वारा एक नज़दीकी कृषि कार्यालय या कृषि विभाग के दफ्तर में आवेदन करवा सकते हैं।
  • अन्यथा व्यक्ति को अपनी पहचान, पते का पहचान पत्र, अन्य आवश्यक बुनियादी जानकारियां जैसे बैंक ड्राफ्ट वगैरह शामिल करना जरुरी है।
  • अंतिम तिथि: सभी किसान अब अधिक समय तक अप्लीकेशन भर सकते हैं क्योंकि अब इसकी आखिरी तारीक 8 अप्रैल 2025 तक है।

योजना के लाभ

  • आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ: इस योजना के माध्यम से किसान नए और आधुनिक यंत्रों का उपयोग कर सकते हैं, जो खेतीफरोती काम को सरल और तेज गति से करने में सहायक होंगे।
  • कृषि उत्पादकता में वृद्धि: उचित यंत्रों का प्रयोग करने से प्राप्त होने वाले लाभ के कारण किसानों की उत्पादकता में वृद्धि संभव होगी और इस आधार पर आय भी बढ़ सकती है।
  • कृषि लागत में कमी: श्रम साधन और मशीन के प्रयोग से काम की गति बढ़ने और श्रम लागत घटने से किसानों को अधिक लाभ होने के आसार है।
  • समय की बचत: मशीन से किसानों को खेती के कामों में लगने वाले समय की बचत होती है जिससे अन्य अन्‍य कार्यों को प्रभावी ढंग से करने की संभावन बढ़ जाती है।
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कृषि यंत्रों के आवेदन की तिथि विस्तार किसानों के लिए एक नई उम्मीद की किरण है। समय विस्तार से वे अपनी जरूरत के यंत्रों के लिए तथा सब्सिडी का लाभ उठा सकेंगे। कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती लागत-प्रभावी और सरल हो जाती है, जिसके परिणामस्वरुप कृषि लाभदायक भी है।

अगर किसानों ने उचित कृषि यंत्रों का प्रयोग किया, तो भारतीय कृषि में यह गुणात्मक बदलाव लाने में सफल होगा। और यह कदम किसानों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए वास्तविक प्रयास तो साबित हो सकता है।

 

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